क्या है मत्स्य पालन?
मत्स्य पालन वह प्रक्रिया है जिसमें मछलियों का पालन-पोषण कृत्रिम या प्राकृतिक जल स्रोतों (जैसे तालाब, झील, नदी या समुद्र) में किया जाता है, ताकि आर्थिक लाभ और पोषण प्राप्त किया जा सके।
महत्व:
✅ ग्रामीण रोजगार का स्रोत
✅ प्रोटीन से भरपूर आहार
✅ कृषि के साथ एकीकृत आजीविका
✅ निर्यात के माध्यम से आय में वृद्धि
प्रमुख मछलियाँ:
➡️ रोहु (Rohu)
➡️ कतला (Catla)
➡️ मृगल (Mrigal)
➡️ टाइगर प्रॉन (झींगा)
सरकारी योजनाएँ:
🇮🇳 प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY)
इस योजना का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन को बढ़ाना, मत्स्यपालकों की आय दोगुनी करना और रोजगार को बढ़ावा देना है।
पर्यावरण संरक्षण भी ज़रूरी है!
सतत मत्स्य पालन से न केवल आय होती है, बल्कि जलवायु संतुलन और जैव विविधता भी बनी रहती है।
🤝 कृषि + मत्स्यपालन = दुगना लाभ
🔷 कृषि के साथ मत्स्य पालन जोड़ने से:
✅ खेतों के पास बने तालाबों का उपयोग
✅ खाद/पानी का बेहतर उपयोग (एकीकृत प्रणाली)
✅ सालभर रोजगार और आय
✅ पोषण सुरक्षा में वृद्धि
📈 ग्रामीण विकास की दिशा में कदम:
🔸 टिकाऊ जीवनशैली
🔸 आत्मनिर्भरता
🔸 युवाओं के लिए रोज़गार
🔸 महिला सशक्तिकरण
📌 “एक खेत, दो काम — अन्न भी, मछली भी!”
मत्स्य पालन, सिर्फ एक व्यवसाय नहीं बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम है। यदि इसे वैज्ञानिक तरीके और सही मार्गदर्शन से किया जाए, तो यह भारत के लाखों किसानों की आर्थिक तस्वीर बदल सकता है।
👉 RKSHR (Rural Krishi Solutions for Horticulture & Regrowth) ऐसे ही नवाचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है।
🌱 RKSHR का उद्देश्य :-
हमारा उद्देश्य है कि गांवों में रहने वाले किसानों और युवाओं को सही जानकारी और बाज़ार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए।
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