1.मूली (Radish)
एक प्रमुख जड़ वाली सब्जी है जो भारत के लगभग सभी राज्यों में उगाई जाती है। यह सर्दी, गर्मी और बरसात – तीनों मौसमों में उगाई जा सकती है, लेकिन बरसाती मूली का स्वाद और कुरकुरापन खास होता है। मूली की पत्तियां भी पोषण से भरपूर होती हैं, जिन्हें हरी सब्जी के रूप में उपयोग किया जाता है।
2. मूली की प्रमुख किस्में
सर्दी की मूली: लंबी, सफेद और मीठे स्वाद वाली।
गर्मी की मूली: छोटी और जल्दी तैयार होने वाली।
बरसाती मूली: कोमल, हल्के तीखे स्वाद और कुरकुरेपन वाली।
सिंजेंटा मूली (Syngenta Radish): यह एक उन्नत हाइब्रिड किस्म है जिसे प्रसिद्ध कृषि कंपनी Syngenta द्वारा विकसित किया गया है। इसकी जड़ें लंबी, सीधी और चमकदार सफेद होती हैं, स्वाद में हल्की मीठी और कुरकुरी। यह उच्च उत्पादन और बाजार में अच्छी मांग के लिए जानी जाती है।
3. बरसाती मूली की विशेषताएं
मानसून में उगाई जाती है।
25–30 दिन में तैयार हो जाती है।
पत्तियां हरी और कोमल होती हैं।
सलाद, सब्जी और अचार के लिए उपयुक्त।
4. जलवायु और मिट्टी
मूली: 18–25°C तापमान आदर्श।
बरसाती मूली: 20–30°C और मध्यम वर्षा।
दोमट या बलुई दोमट मिट्टी, pH 6–7, अच्छी जल निकासी वाली होनी चाहिए।
5. बुआई का समय
सर्दी की मूली: अक्तूबर–नवंबर।
गर्मी की मूली: फरवरी–मार्च।
बरसाती मूली: जुलाई–अगस्त।
सिंजेंटा मूली: ठंडे और मध्यम मौसम में, मुख्यतः अक्तूबर–दिसंबर।
6. बीज की मात्रा और बुवाई की विधि
बीज की मात्रा: 8–10 किलो/हेक्टेयर।
कतार से कतार दूरी: 20–25 सेमी।
बीज की गहराई: 1.5–2 सेमी।
बरसात में ऊंची क्यारियों में बुवाई करें ताकि पानी न रुके।
7. सिंचाई और देखभाल
बरसाती मूली में सिंचाई की जरूरत कम होती है, लेकिन बारिश न होने पर हल्की सिंचाई दें।
अन्य मौसम में 5–7 दिन के अंतराल पर सिंचाई करें।
खरपतवार नियंत्रण के लिए समय-समय पर निराई-गुड़ाई करें।
8. खाद और उर्वरक
गोबर की सड़ी खाद: 20–25 टन/हेक्टेयर।
NPK: 60:40:40 अनुपात।
नाइट्रोजन की आधी मात्रा बुआई के समय और बाकी 20 दिन बाद दें।
9. रोग और कीट नियंत्रण
लीफ स्पॉट: नीम का अर्क (5%) या अनुशंसित फफूंदनाशी का छिड़काव।
एफिड: नीम का तेल या अनुशंसित कीटनाशक का छिड़काव।
10. कटाई और उपज
बरसाती मूली: 25–30 दिन में तैयार।
सर्दी/गर्मी की मूली: 40–50 दिन में तैयार।
सिंजेंटा मूली: 45–50 दिन में तैयार, औसतन 250–300 क्विंटल/हेक्टेयर उपज।
11. फायदे
जल्दी नकदी देने वाली फसल।
कम समय में तैयार।
बाजार में सालभर मांग।
सिंजेंटा मूली जैसी हाइब्रिड किस्में अधिक मुनाफा देती हैं।
मूली और बरसाती मूली दोनों ही किसानों के लिए लाभकारी फसलें हैं। सही समय पर बुआई, संतुलित खाद और उचित देखभाल से अच्छी उपज और मुनाफा मिलता है। हाइब्रिड किस्में अपनाकर किसान उच्च उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता प्राप्त कर सकते हैं।
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